Marriage became Problem-उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में कक्षा 11 की छात्रा को शादी करना उस वक्त भारी पड़ गया, जब स्कूल वालों ने उसे एंट्री देने से मना कर दिया. स्कूल प्रशासन ने छात्रा को यह कहकर भगा दिया कि उसके शादीशुदा होने से माहौल खराब हो सकता है. यह पूरा मामला राजा आनंद सिंह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का है.अल्मोड़ा शहर के नियाजगंज मोहल्ली की रहने वाली सिमरन कक्षा 8 से ही जीजीआईसी में पढ़ रही है. सिमरन बालिग है. बीते 28 जुलाई को उसका निकाह हुआ था और वह 24 जुलाई से स्कूल जाना बंद कर दिया था. शादी के कुछ दिन बाद अगस्त महीने में वह स्कूल पहुंची तो उसे टीचरों और प्रिंसिपल ने स्कूल में बैठने से मना कर दिया. लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल प्रशासन का कहना था कि शादीशुदा छात्रा को नियमित छात्रा के तौर पर नहीं बैठा सकते हैं. इससे स्कूल का माहौल खराब होगा.
Marriage became Problem- नियमित रुप से क्लास में नहीं बैठा सकते
Marriage became Problem-उत्तराखंड के अल्मोड़ा से अजीबोगरीब घटना सामने आ रही है। कथित तौर पर राजा आनंद सिंह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में निकाह के बाद एक छात्रा को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है । विद्यालय ने 11वीं की छात्रा को यह कहकर कक्षा में बैठने से मना कर दिया कि उसके शादीशुदा होने से वहां का माहौल खराब हो सकता है।शहर के ही मोहल्ले नियाजगंज की सिमरन कक्षा आठ से जीजीआईसी में पढ़ रही हैं। सिमरन बालिग हैं। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई को उनका निकाह हुआ। जिसकी वजह से वह 24 जुलाई से विद्यालय नहीं जा पाई।

शादी होने के बाद जब वह तीन अगस्त को फिर से स्कूल गई तो शिक्षिकाओं और प्रधानाचार्या ने उन्हें कक्षा में बैठने नहीं दिया।इस मामले में स्कूल वालों का कहना है कि शादीशुदा छात्रा को नियमित छात्रा के रूप में हम क्लास में नहीं बैठा सकते हैं। इससे विद्यालय का माहौल खराब होगा।छात्रा ने बताया कि वह और उनकी सास ने शिक्षिकाओं और प्रधानाचार्या से मुलाकात की। निवेदन किया कि वह स्कूल के सभी नियमों का पालन करेगी। लेकिन प्रबंधन ने उन्हें उच्चाधिकारियों से अनुमति लेकर आने की बात कही है।
Marriage became Problem- प्रधानाचार्य ने कहा- नियमों की ली जा रही जानकारी
विद्यालय की प्रधानाचार्य विजया पंत ने इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि स्कूल में छात्रा का नाम अब भी पंजीकृत है। छात्रा की शादी होने के बाद उसे प्राइवेट तरीके से फार्म भरने को कहा गया था। ताकि विद्यालय का माहौल खराब न हो। शादी के बाद विद्यालय में प्रवेश देने का नियम है या नहीं, अभी इसकी जानकारी ली जा रही है।
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