Jhanda Ji Mela- देवस्थानों में आस्था और श्रद्धा का प्रमुख पर्व श्री झंडे जी का आरोहण इस साल 8 मार्च को होगा, वहीं श्री झंडे जी मेला भी उसी दिन से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगा। इस साल मेले में दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का विशेष अवसर देहरादून के परिवार को मिला है, जो कई सालों बाद हो रहा है।
मेला अधिकारी विजय गुलाटी के अनुसार, 25 फरवरी को श्री दरबार साहिब के प्रतिनिधि सुबोध उनियाल पैदल संगत के लिए बिहलौलपुर के महंत वियंतदास के नाम का हुकुमनामा बड़ागांव लाएंगे। 27 फरवरी को श्रीमहंत पैदल संगत का स्वागत अराईयांवाला में किया जाएगा।
1 मार्च को श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज पैदल संगत के साथ श्री दरबार साहिब में प्रवेश करेंगे। 5 मार्च से गिलाफ सिलाई का काम शुरू होगा और पवित्र ध्वजदंड को बांबेबाग से श्री दरबार साहिब लाया जाएगा। 7 मार्च को पूर्वी संगत की विदाई होगी और 9 मार्च को संगत दिनभर श्री दरबार साहिब में मत्था टेकेंगी।

आरोहण का दिन, 8 मार्च, सुबह आठ से नौ बजे तक श्री झंडे जी को उतारा जाएगा। इसके बाद स्नान कराकर सादा गिलाफ और शनील गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया होगी। शाम चार से पांच बजे तक श्री झंडे जी का आरोहण संपन्न होगा। प्रमुख प्रक्रिया में दर्शनी गिलाफ चढ़ाना शामिल है।
Jhanda Ji Mela- इस साल दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का अवसर देहरादून के पार्क रोड निवासी अनिल कुमार गोयल को मिला है। उन्होंने बताया कि उन्होंने करीब 22 साल पहले दर्शनी गिलाफ की बुकिंग कराई थी और अब उनका नंबर आया है। इससे पहले वह शनील गिलाफ भी चढ़ा चुके हैं। इस मौके पर उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। बता दें कि 2025 में दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का अवसर पंजाब के दो भाइयों को मिला था।