Jangarna 2027- उत्तराखंड में आगामी जनगणना 2027 को लेकर सरकार ने सुरक्षा और गोपनीयता के विशेष इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी तरह की ठगी या गलत इस्तेमाल से बचा जा सके, इस दौरान नागरिकों की दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और इसे किसी भी मंच, फोरम, अदालत या आरटीआई में साझा नहीं किया जाएगा।
निदेशक जनगणना ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि सभी प्रगणकों को एक विशेष आईडी कार्ड दिया जाएगा, जिसमें क्यूआर कोड होगा। इसे स्कैन करने पर पता चलेगा कि प्रगणक किस विभाग का कर्मचारी है और वर्तमान में कहां ड्यूटी पर तैनात है। यह व्यवस्था सभी प्रकार के धोखाधड़ी और सुरक्षा खतरों को रोकने में मदद करेगी। आईडी कार्ड को आसानी से मोबाइल से स्कैन किया जा सकता है।

श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि जनगणना में दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। यह आंकड़े केवल सांख्यिकीय रूप में केंद्र सरकार तक जाएंगे। उदाहरण के लिए, किसी मोहल्ले में कितने बच्चे स्कूल जाते हैं, यह पता चल सकेगा, लेकिन किसी विशेष बच्चे का स्कूल नाम या पहचान उजागर नहीं होगी।
Jangarna 2027- आजाद भारत में पहली जनगणना वर्ष 1951 में हुई थी। 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, एलपीजी वितरण और गांव-गांव में बिजली पहुंचाने जैसी योजनाएं लागू की गईं। आगामी 2026 की जनगणना से सरकार को प्रत्येक क्षेत्र के विकास की स्थिति का रोडमैप तैयार करने में मदद मिलेगी और भविष्य की योजनाओं की दिशा तय होगी।