जिलाधिकारी वंदना सिंह ने नैनीताल जनपद में हेलीपैड परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने वीडियो क्राफेंसिंग के माध्यम से उपजिलाधिकारियों के साथ ही लोनिवि व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि हैलीपैड हेतु उन स्थानों का चयन करें, जहां पर्यटन स्थल है, जिससे स्थानीय लोगों की आर्थिकी मजबूत होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हेलीपोर्ट और हेलीपैड का मास्टर प्लान बनाते समय भविष्य की संभावनाओं और आवश्यकताओं को देखते हुए योजना बनाई जाए।

उन्होंने कहा कि हेलीपैड योजना केन्द्र सरकार की योजना है केंद्र सरकार द्वारा इस योजना हेतु समय सीमा निर्धारित की गई है। यथासंभव हेलीपैड हेतु वन भूमि का चयन ना किया जाए जिससे वन भूमि हस्तांतरण और आपत्तियों के निस्तारण हेतु काफी समय व्यतीत होता है और योजना समय सीमा में पूर्ण नहीं हो पाती है। मीटिंग में उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि नौकुचियाताल व मुक्तेश्वर में हेलीपैड हेतु भूमि का चयन कर लिया गया है। जिलाधिकारी ने शीघ्र स्टीमेट बनाकर कार्य प्रारम्भ कराने के निर्देश दिये। उन्होंने नारायण नगर, सडिंयाताल, हनुमानगढी, कैचीधाम तथा स्नो व्यू का अधिशासी लोनिवि, सिंचाई एवं सम्बन्धित उपजिलाधिकारी को संयुक्त स्थलीय सर्वे कर शीघ्र प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये।
कैंची धाम मंदिर में हेलीपैड के निर्माण के सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने कहा कि यह जनपद का मुख्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है, मंदिर के आसपास हेलीपैड के निर्माण के लिए उन्होंने उपजिलाधिकारी व अधिशासी अभियंता लोनिवि को स्थलीय निरीक्षण कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कैंची धाम में हेलीपैड बनने से पर्यटकों को आवागमन में सुगमता मिलेगी वही जाम से भी निजात मिलेगी और क्षेत्र का आर्थिक विकास भी होगा। रामनगर हेलीपैड निर्माण हेतु उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने कहा जिन क्षेत्रों में हेलीपैड निर्माण होना है सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य कर केन्द्र सरकार की योजना को समय सीमा के भीतर प्राथमिकता से कार्य को पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा अगले सप्ताह हेलीपैड के कार्यों के प्रगति की समीक्षा की जायेगी।