Meditation Benefits on Anxiety- एंग्जायटी एक किस्म की मेंटल हेल्थ कंडीशन है। एंग्जायटी का कारण कुछ भी हो सकता है। कभी पियर प्रेशर, तो कभी निजी रिश्तों में कड़वाहट या फिर करियर में फेलियर। कभी-कभी इंटरव्यू के पहले भी बहुत ज्यादा एंग्जायटी होने लगती है। एंग्जायटी होने पर व्यक्ति को घबराहट, दिल की धड़कनों का तेज होना और पसीना आना जैसे कुछ लक्षण दिखाई देते हैं। इससे रिकवरी के लिए अक्सर लोग कॉग्निटिव थेरेपी और दवाईयों की मदद लेते हैं। विशेषज्ञों की मानें, तो एंग्जायटी होने पर व्यक्ति को मेडिटेशन करना चाहिए। यहां हम आपको बता रहे हैं एंग्जायटी में मेडिटेशन (Meditation) करने के फायदों के बारे में।

एएसडी योग फैमिली के मुताबिक, “एंग्जायटी होने पर आपको मेडिटेशन जरूर करना चाहिए। मेडिटेशन (Meditation) यानी ध्यान लगाना। ध्यान लगाने से मन कई तरह की चिंताओं और तनाव से मुक्त हो जाता है। इससे फोकस बढ़ता है और धीरे-धीरे एंग्जायटी दूर होने लगती है।” मेयोक्लिनिक के अनुसार, “एंग्जायटी होने पर मेडिटेशन किया जा सकता है। इससे फोकस करने में मदद मिलती है। एंग्जायटी होने पर मेडिटेशन के दौरान ऐसी चीजों पर फोकस करना चाहिए, जो पोजिटिविटी को बढ़ावा देती है। मेडिटेशन के दौरान सांस की गति का ध्यान रखना चाहिए।”
Meditation- नींद बेहतर होती है

योगाचार्य कहते हैं, “एंग्जायटी कम करने के लिए मेडिटेशन (Meditation) के जरिए नींद को बेहतर किया जा सकता है।” फोर्ब्स में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, “रेगुलर मेडिटेशन करने से व्यक्ति को अच्छी नींद आती है और नींद की क्वालिटी में भी सुधार होता है। दरअसल, चिंता या एंग्जायटी के कारण दिमाग में कई तरह के विचार चल रहे होते हैं। वहीं, मेडिटेशन की मदद से इन्हें स्थिर किया जा सकता है। इससे मन रिलैक्स होता है। नींद बेहतर होती है।”
Meditation- ब्लड प्रेशर कम होता है

योगाचार्य बताते हैं, “एंग्जायटी कम करने के लिए मेडिटेशन (Meditation) के जरिए ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है। दरअसल, कई बार एंग्जायटी के कारण ब्लड प्रेशर का स्तर बढ़ जाता है। हालांकि, एंग्जायटी के कारण बीपी स्थाई रूप से नहीं बढ़ता है। लेकिन, एंग्जायटी अटैक आने पर कुछ क्षणों के ब्लड प्रेशर के स्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी नोटिस की जा सकती है। वहीं, मेडिटेशन के जरिए, इसको कंट्रोल किया जा सकता है। कैनोहेल्थ वेबसाइट के अनुसार, “मेडिटेशन करने से स्ट्रेस और दिमाग पर स्ट्रेन कम होता है। इससे बीपी का स्तर सामान्य बना रहता है। आपको बता दें कि ब्लड प्रेशर के स्तर को कम करके आप हार्ट डिजीज के रिस्क को भी कम कर सकते हैं।”
Meditation- मेंटल हेल्थ में सुधार होता है

एंग्जायटी कम करने के लिए आप मेडिटेशन (Meditation) का सहारा ले सकते हैं। मेडिटेशन की प्रक्रिया को रोज दोहराने से मेंटल हेल्थ में सुधार होता है। मेडिसिननेट में प्रकाशित एक आलेख के मुताबिक, “मेडिटेशन क्रिएटिविटी को बूस्ट करता है, फोकस बढ़ाता है और ब्रेन फंक्शन को एन्हैंस करता है।” योगाचार्य कहते हैं, “एंग्जायटी को कम करने के लिए मेडिटेशन करने से बॉडी भी रिलैक्स होती है। मेडिटेशन करने से बीपी नियंत्रण में रहता है और हृदय गति सामान्य बनी रहीत है। इस तरह, हम कई तरह की बीमारियों से बच जाते हैं। जब बॉडी फिट रहती है, तो एंग्जायटी से उबरने में आसानी होती है।”