Dehradun Paonta Highway- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बीच आवागमन अब पूरी तरह बदलने वाला है। देहरादून से पांवटा साहिब का सफर, जो पहले जाम और संकरी सड़कों की वजह से लगभग दो घंटे लग जाता था, अब केवल 35 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यह बदलाव बल्लूपुर-पांवटा साहिब चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-07) परियोजना के चलते संभव हुआ है, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अंतिम चरण में ला रहा है। परियोजना का लगभग 90% काम पूरा हो चुका है और हाईवे वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
तेज़ शहरी विस्तार, औद्योगिक गतिविधियां और पर्यटन दबाव के कारण यह मार्ग लंबे समय से उत्तर भारत के सबसे व्यस्त और जामग्रस्त रास्तों में से एक था। अब चार लेन ग्रीनफील्ड हाईवे और बाईपास के जरिए दूरी घट गई है, यात्रा समय कम हुआ है और ईंधन की बचत भी होगी। यह परियोजना सिर्फ सड़क सुधार नहीं है, बल्कि उत्तराखंड-हिमाचल के आर्थिक और सामाजिक विकास की नई धुरी के रूप में उभर रही है।
Dehradun Paonta Highway- मुख्य बातें
मार्ग लंबाई: पांवटा साहिब से बल्लूपुर चौक (देहरादून) तक 44.8 किलोमीटर
बाईपास: लगभग 25 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड बाईपास, जो पांवटा साहिब, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई और सुधोवाला जैसे भीड़भाड़ वाले कस्बों से होकर नहीं गुजरता
लागत: ₹1,646.21 करोड़, दो पैकेज में
- पैकेज-1 (पांवटा–मेदनीपुर, 18.7 किमी) – ₹553.21 करोड़, जिसमें 1,175 मीटर लंबा फोर लेन यमुना पुल
- पैकेज-2 (मेदनीपुर–बल्लूपुर, 26.1 किमी) – ₹1,093 करोड़, शहरी बाईपास, अंडरपास और सर्विस रोड शामिल

Dehradun Paonta Highway- विशेषताएं
- आधुनिक फोर लेन पुल यमुना और आसन नदी पर
- सुरक्षा पर विशेष ध्यान: थ्री बीम क्रैश बैरियर, एंटी-ग्लेयर स्क्रीन, 24×7 PTZ कैमरे
- आधुनिक साइनएज और रोड मार्किंग
- पर्यावरण संतुलन के लिए व्यापक पौधारोपण
- स्वतंत्र सड़क सुरक्षा ऑडिट के अनुसार सभी अनुशंसाएं लागू
Dehradun Paonta Highway- लाभ
- यात्रा समय घटकर दो घंटे से 35 मिनट
- जाम और भीड़भाड़ में राहत, विशेषकर हरबर्टपुर-प्रेमनगर मार्ग
- पर्यटन, उद्योग, रोजगार और व्यापार में बढ़ावा
- चारधाम यात्रा और प्रस्तावित मसूरी कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने में मदद
Dehradun Paonta Highway- एनएचएआई के अधिकारियों ने हाल ही में हाईवे का निरीक्षण किया और बताया कि शेष काम फरवरी 2026 तक पूरा हो जाएगा। परियोजना पूरे होने के बाद यह हाईवे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के आर्थिक और पर्यटन विकास के लिए अहम भूमिका निभाएगा।