Chardham Yatra 2025- राज्य में लागू समान नागरिक संहिता के तहत लिव इन रिलेशनशिप के विरोध पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार इस पर पीछे नहीं हटेगी, अलबत्ता जो भी सुझाव आएंगे, उनका स्वागत करेंगे, मुख्यमंत्री नई दिल्ली में एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 के चुनाव में हमने प्रदेश की जनता को वचन दिया था कि भाजपा की सरकार बनेगी तो राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू करेंगे, हमने अपना वचन पूरा किया, लिव इन रिलेशनशिप के विरोध पर उन्होंने कहा कि बेशक यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है लेकिन उच्चतम न्यायालय में यह विषय कई बार आया है।
हम लोकतांत्रिक मान्यताओं को मानने वाले लोग हैं, लिव इन रिलेशनशिप पर यदि कोई सुझाव आएगा तो उसका स्वागत करेंगे लेकिन सरकार इस पर अब पीछे नहीं हटेगी, चारधाम यात्रा के दौरान रील कल्चर पर रोक से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थांटन और पर्यटन के फर्क को समझना होगा।
Chardham Yatra 2025-बैकफुट में नहीं जाएंगे: धामी
चारधाम यात्रा विशुद्ध रूप से यात्रा होनी चाहिए, हमारे पूर्वजों के समय से यात्रा के नियम बने हैं, ये यात्रा धर्म के लिए है।,पुराने रील चलाने से देश और दुनिया में गलत संदेश जाता है, सीएम ने कहा कि 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ में पीएम मोदी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में पुनर्निर्माण कार्य हुए।
केदारनाथ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए इकोलॉजी का पूरा ध्यान रखा गया, इकोलॉजी और इकॉनमी में संतुलन हमारी सरकार के विकास का मॉडल है, धामों की अपनी एक धारण क्षमता है इसलिए हम भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए आसपास के क्षेत्रों में नए स्थान विकसित कर रहे हैं, इन रिलेशनशिप का अब रिकॉर्ड है, कोई चेंज नहीं होगा, बैकफुट में नहीं जाएंगे, सुझावों को शामिल करेंगे।
Chardham Yatra 2025- आपदाएं राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती आपदाएं हैं, यहां बादल फटने, भूस्खलन, हिमस्खलन की घटनाएं अकसर होती हैं, सिलक्यारा टनल हादसे पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन, संवेदनशीलता और सहयोग से यह ऑपरेशन सफल रहा। आज वैज्ञानिक इस पर शोध कर रहे हैं।
Chardham Yatra 2025- हम कानून पर चलने वाले, इसलिए विरोध नहीं होता
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनिया के लोग देवभूमि को आस्था व श्रद्धा से देखते हैं, इसलिए राज्य में अतिक्रमण किसी भी कीमत पर सही नहीं है, अतिक्रमण हटाने का अभियान रुकने वाला नहीं है, एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अवैध मदरसों और मजारों के खिलाफ छेड़े गए अभियान का इसलिए विरोध नहीं होता क्योंकि हम कानून पर चलने वाले लोग हैं।
राज्य में हर कार्रवाई और अभियान कानून के तहत हो रहे हैं, अनेक स्थानों में सरकारी भूमि पर अवैध मजारें बनीं थीं। इस लैंड जिहाद के खिलाफ हमने अभियान चलाया, करीब 6000 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई, राज्य में मदरसों में पढ़ने वालों की पहचान छुपाई जा रही थी, जहां भी मदरसे अवैध पाए गए, उन्हें सील किया गया, हमारा मानना है कि देवभूमि की पवित्रता बनीं रहनी चाहिए।
Chardham Yatra 2025- वक्फ कानून भी राज्य में लागू कराएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण और डेमोग्राफी में बदलाव रोकने के लिए हमने सत्यापन अभियान चलाया, यूसीसी लागू किया, लैंड जिहाद रोकने के लिए अतिक्रमण हटाए, जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून बनाया, उत्तराखंड में वक्फ कानून भी लागू कराएंगे।