Char Dham Yatra- गौचर से बदरीनाथ तक शटल सेवा, स्थानीय रोजगार को बढ़ावा

Char Dham Yatra- उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए एक और महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र में बजट अभिभाषण के दौरान बताया कि केदारनाथ धाम में संचालित सोनप्रयाग-गौरीकुंड शटल सेवा की तर्ज पर अब गौचर से बदरीनाथ धाम तक शटल सेवा शुरू की जाएगी।

यह नई व्यवस्था लागू होने से श्रद्धालुओं को लंबे ट्रैफिक जाम और यात्रा में होने वाली असुविधाओं से राहत मिलेगी। वर्तमान में चारधाम यात्रा के दौरान विशेषकर जोशीमठ से बदरीनाथ तक के मार्ग पर वाहनों का दबाव अत्यधिक रहता है और कई बार लंबा जाम लग जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को कई घंटों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है।

Char Dham Yatra- शटल सेवा की योजना और सुविधा

सरकार की योजना के तहत:

  • निजी वाहनों को गौचर में पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा, जिसमें कम से कम 1,000 वाहनों की सुविधा होगी।
  • गौचर से बदरीनाथ तक यात्रियों को निर्धारित शटल सेवा के माध्यम से पहुंचाया जाएगा।
  • हवाई मार्ग से गौचर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी शटल सेवा का लाभ मिलेगा।
  • स्थानीय लोगों के वाहन ही शटल सेवा में उपयोग किए जाएंगे, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

सोनप्रयाग-गौरीकुंड शटल सेवा का अनुभव देखते हुए, जहां पिछले साल 882,949 श्रद्धालुओं ने इसका लाभ लिया, अब बदरीनाथ मार्ग पर करीब 140 किलोमीटर की दूरी को शटल सेवा के माध्यम से सुगम बनाया जाएगा। यात्रा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, इससे न केवल यातायात पर नियंत्रण रहेगा, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव भी मिलेगा।

Char Dham Yatra

Char Dham Yatra- पिछली सफलता और नए अपडेट

केदारनाथ धाम में पिछले साल 250 शटल बसें संचालन में थीं और कुल 37,723 फेरे किए गए। महिलाओं और बुजुर्गों की सुविधा के लिए 12 पिंक शटल भी संचालित की गई थीं। नए यात्रा सीजन में, गौचर-बदरीनाथ शटल सेवा के शुरू होने से पहले की तुलना में और भी अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।

Char Dham Yatra- चारधाम यात्रा का आँकड़ा

  • केदारनाथ: 1,768,795
  • बदरीनाथ: 1,660,224
  • गंगोत्री: 758,249
  • यमुनोत्री: 644,637
  • कुल: 4,831,905

Char Dham Yatra- मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नई शटल सेवा चारधाम यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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