Ayushman Mitra

Ayushman Mitra- अस्पतालों में 10 मरीजों पर नियुक्त होगा एक आयुष्मान मित्र

Ayushman Mitra- सितंबर 2018 से प्रदेश में आयुष्मान योजना लागू की गई थी। जिसमें प्रदेश के सभी लोगों को पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा है। आयुष्मान कार्ड पर इलाज कराने वाले मरीजों की सुविधा के लिए अब प्रत्येक सूचीबद्ध अस्पतालों में 10 मरीजों पर एक आयुष्मान मित्र नियुक्त किया जाएगा। आयुष्मान कार्ड लाभार्थियों का मुफ्त इलाज कराने के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों में आयुष्मान मित्र नियुक्त किए गए। अभी तक प्रत्येक अस्पताल में एक आयुष्मान मित्र है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का कहना है कि अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारक का मार्गदर्शन व सहयोग करने के लिए आयुष्मान मित्र तैनात हैं। इससे अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड पर मरीजों को इलाज कराने में इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या के आधार आयुष्मान मित्र रखे जाएंगे। 10 मरीजों पर एक आयुष्मान मित्र होगा।

आयुष्मान धारक मरीजों का इलाज कराने के लिए बड़े अस्पतालों में 10 बेड आरक्षित किए जाएंगे। जिससे आपात स्थिति में आयुष्मान कार्ड पर मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड उपलब्ध हो सके।

आयुष्मान योजना में अब तक 58 लाख लोगों के कार्ड बन चुके हैं। इसमें 12.50 लाख मरीजों का निशुल्क इलाज का लाभ मिला। इलाज पर प्रदेश सरकार ने 2542 करोड़ रुपये खर्च किए।

Ayushman Mitra- आयुष्मान मित्र का होगा ये काम

Ayushman Mitra- अस्पतालों में आयुष्मान मित्र का काम कार्ड धारक मरीज का सहयोग करना है। यदि किसी पात्र लाभार्थी के कार्ड नहीं है तो आयुष्मान मित्र कार्ड बना कर देगा। इसके अलावा इलाज, दवाइयों व जांच संबंधी प्रक्रिया में सहयोग करना है। जिससे मरीजों को जानकारी न होने के अभाव में भटकना न पड़े। यदि अस्पताल प्रबंधन आयुष्मान कार्ड में इलाज करने में आनाकानी करते हैं या मरीजों से पैसे लेते हैं तो इसकी शिकायत भी आयुष्मान मित्र से कर सकते हैं।

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