Ankita Bhandari Case- देहरादून में रविवार को जनता का भारी जमावड़ा देखा गया, प्रदर्शनकारियों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने और सोशल मीडिया पर नाम सार्वजनिक हुए वीआईपी नेताओं पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में महिलाओं, युवाओं और पुरुषों ने हिस्सा लिया और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च किया। पुलिस ने हाथीबड़कला पर बैरिकेडिंग लगाकर रैली को रोका।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच, कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल, सीपीआई, बेरोजगार संघ, गढ़वाल सभा महिला मंच और अन्य सामाजिक संगठन परेड ग्राउंड में सुबह 11 बजे इकट्ठा हुए। रैली निकालकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ी, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर नारे लगाए और गीत गाए।
Ankita Bhandari Case- सामाजिक संगठनों ने कहा कि अंकिता की हत्या कोई साधारण अपराध नहीं थी, बल्कि संरक्षण में पनपे अपराध तंत्र का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी से जुड़े वीआईपी का नाम सामने आने के बावजूद सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। सभी संलिप्त लोगों को कठोर सजा दी जानी चाहिए और मामला पूरी तरह से सीबीआई जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए।
Ankita Bhandari Case-मोहित डिमरी ने कहा
उत्तराखंड मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के मोहित डिमरी ने कहा कि 11 जनवरी को राज्यव्यापी बंद रहेगा। उन्होंने सरकार को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा कि सभी वीआईपी नाम सार्वजनिक किए जाएं और जांच में शामिल हों।
Ankita Bhandari Case- प्रदर्शन के दौरान युवाओं में गुस्सा दिखा। एक युवा ने घड़ा लेकर रैली में हिस्सा लिया और बैरिकेडिंग पर उसे फोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक सीबीआई जांच नहीं होती और दोषियों को न्याय नहीं मिलता, वे आंदोलन जारी रखेंगे।