Shweta-Ankit Story- जीवन में चुनौतियों को अवसर में बदलना कोई आसान काम नहीं, लेकिन श्वेता और अंकित ने इसे कर दिखाया, दिल्ली की रहने वाली दृष्टिहीन श्वेता सिंह और उत्तराखंड के प्रोफेशनल माउंटेनियर अंकित ने पहले अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर सगाई की और अब त्रियुगीनारायण मंदिर में परिणयसूत्र में बंधकर अपने प्यार को स्थायी रूप दिया।
श्वेता ने 10 साल की उम्र में अपनी दृष्टि खो दी, लेकिन उसने अपनी मुश्किलों को कभी रोक नहीं बनने दिया। दिल्ली के ब्लाइंड स्कूल से पढ़ाई पूरी की, 10वीं में टॉप किया और इंदिरा गांधी पुरस्कार से सम्मानित हुई। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की।

श्वेता का हमेशा से एडवेंचर और ट्रैकिंग का शौक रहा, लेकिन कई संस्थानों ने उसे डिसएबल पॉलिसी न होने का बहाना बनाकर माउंटेनिंग कोर्स में दाखिला नहीं दिया। ऐसे समय में अंकित ने उनका साथ दिया, प्रशिक्षण में मदद की और उन्हें प्रेरित किया।
Shweta-Ankit Story- दोनों ने मिलकर माउंट किलिमंजारो फतह की और अब त्रियुगीनारायण मंदिर में अपने प्रेम को विवाह में बदलकर सबके लिए प्रेरणा का उदाहरण पेश किया।