Dewar Village Uttarakhand- गढ़वाल वन प्रभाग की पौड़ी नागदेव रेंज के अंतर्गत विकासखंड कोट के देवार गांव में आंगनबाड़ी केंद्र से घर लौट रहे चार वर्षीय बच्चे पर दिनदहाड़े गुलदार के हमले के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भारी रोष है। घटना के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने क्षेत्र के छह आंगनबाड़ी केंद्रों को तीन दिन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक के बाद केंद्रों को दोबारा खोलने या अवकाश बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा।
इसी बीच, ग्रामीणों ने वन विभाग से हमलावर गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने की मांग उठाई है। मंगलवार को क्षेत्रीय प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने गढ़वाल वन प्रभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट से मुलाकात कर बताया कि दिनदहाड़े हुई इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग भय के साये में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
डीपीओ पौड़ी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि देवार आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता सुषमा ने साहस दिखाते हुए बच्चे को गुलदार के चंगुल से बचाया, जिसके लिए विभाग उनकी सराहना करता है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद देवार, वड्डा, चमना, कांडा, नवन और बुरांसी आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
Dewar Village Uttarakhand- घटना के विरोध में और सुरक्षा की मांग को लेकर सभासद गौरव सागर, बीडीसी सदस्य प्रेम सिंह, ग्राम प्रधान गौरव, महेंद्र, प्रीतम, अजय सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।