Haridwar Kumbh 2027- आगामी हरिद्वार कुंभ 2027 को ऐतिहासिक और विश्वस्तरीय बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने केंद्र से 3472 करोड़ रुपये के बजट की मांग रखी है। यह कुंभ लगभग 150 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में आयोजित होगा। सरकार का अनुमान है कि जनवरी से अप्रैल 2027 के बीच 17 से 21 करोड़ श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे।
कुंभ मेला अधिकारी सोनिका ने इस भव्य आयोजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है। बताया गया है कि इस बार केवल शाही स्नान के अवसर पर ही 1.5 से 2 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
वर्तमान में कुंभ क्षेत्र में 12.62 किमी घाट हैं, जिनकी क्षमता 24 घंटे में 1.39 करोड़ श्रद्धालुओं की है। अब इन घाटों को 110 करोड़ रुपये की लागत से 5.68 किमी तक बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिससे क्षमता बढ़कर 1.78 करोड़ श्रद्धालु प्रतिदिन की हो जाएगी। साथ ही 2.5 किमी के अस्थायी घाट भी बनाए जाएंगे।
Haridwar Kumbh 2027- कुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात सुगमता के लिए 78.38 किमी अस्थायी सड़कें और 22 अस्थायी पुल बनाने का प्रस्ताव है, जिसके लिए 80 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
जल आपूर्ति के मोर्चे पर भी राज्य सरकार ने विस्तृत योजना तैयार की है। फिलहाल कुंभ क्षेत्र में 132 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) पानी उपलब्ध है, जबकि आवश्यकता 164 एमएलडी की है। इस कमी को पूरा करने के लिए 17 नए ट्यूबवेल, 3 ओवरहेड टैंक, 50.50 किमी पाइपलाइन का नवीनीकरण और 49 फायर हाइड्रेंट लगाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसकी लागत 99.25 करोड़ रुपये होगी।
इसके अलावा 220 किमी अस्थायी पाइपलाइन, 3000 पब्लिक स्टैंड पोस्ट और 300 अस्थायी फायर हाइड्रेंट लगाने के लिए 56.37 करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है।
Haridwar Kumbh 2027- राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हरिद्वार कुंभ 2027 को “डिजिटल, पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित” आयोजन के रूप में स्थापित किया जाए, जिससे यह न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए एक मिसाल बने।