Track of the Year- पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और पर्यटन विभाग सितंबर में ट्रेक ऑफ द ईयर 2024 का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे। पर्यटन विभाग 2 सितंबर से 30 नवंबर तक इस क्षेत्र में विभिन्न पर्यटन गतिविधियों का आयोजन करेगा। धारचूला तहसील के अंतर्गत व्यास और दारमा घाटियों को करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित सिनला पास जोड़ता है। इस बर्फीले क्षेत्र में पार्वती कुंड, गौरीकुंड, आदि कैलाश, ऊं पर्वत और पंचाचूली बेस कैंप जैसे खूबसूरत स्थल हैं।
पिथौरागढ़ में स्थित ये दोनों घाटियां अपने ग्लेशियरों और बुग्यालों के लिए प्रसिद्ध हैं। यह 37 किलोमीटर लंबा ट्रेक दारमा घाटी के बिदांग गांव से शुरू होता है और कठिन चढ़ाई के बाद 5600 मीटर की ऊंचाई पार कर व्यास वैली में स्थित प्रसिद्ध आदि कैलाश पर्वत तक पहुंचता है। इस ट्रैक के दौरान दिखने वाले नजारे बेहद अद्भुत हैं, इसलिए इसे ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित किया गया है।

एवरेस्ट विजेता शीतल राज सहित कई अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही वर्ष भर बर्फ से ढके रहने वाले इस दर्रे को पार कर चुके हैं। जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि सिनला पास में ट्रेकिंग के लिए देशभर से ट्रेकिंग दलों को आमंत्रित किया गया है। यहां आने वाले ट्रेकर्स पक्षियों के अनूठे संसार का भी आनंद ले सकेंगे। ट्रेकिंग आयोजित करने वाले टूर ऑपरेटरों को 2000 रुपये प्रति ट्रेकर की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
जनपद उत्तरकाशी में स्थित सरुताल बुग्याल एक ख़ूबसूरत उच्च हिमालीय घास का मैदान है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह एक स्वर्ग जैसा है। यहां पहुंचने के लिए आपको घने जंगलों और चुनौतीपूर्ण पहाड़ी रास्तों से गुजरना पड़ता है, लेकिन एक बार पहुंचने पर हिमालय की शानदार चोटियों का नज़ारा आपको मंत्रमुग्ध कर देगा।

यह गोविंद वन्यजीव विहार में 3,900 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जहां बुग्यालों के बीच सरूताल झील है, जो चारों ओर से चोटियों से घिरी हुई है। सरूताल से स्वर्गारोहिणी, बंदरपूंछ, काली चोटी और अन्य बर्फीली पर्वत श्रृंखलाओं का शानदार दृश्य देखा जा सकता है। इससे पहले भी उत्तरकाशी जिले में चाईंशील बुग्याल, हरकीदून, दयारा बुग्याल और देवक्यारा को ट्रैक ऑफ द ईयर घोषित किया जा चुका है।
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