Tungnath Dham- भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंगों और पंच केदारों में शुमार तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तारीख तय हो गई है। विजयादशमी के पावन पर्व पर मक्कूमठ स्थित मर्कटेश्वर मंदिर में पंचांग गणना और धार्मिक अनुष्ठानों के बाद कपाट बंद होने का शुभ मुहूर्त घोषित किया गया। निर्धारित परंपराओं के अनुसार आगामी 6 नवंबर को शीतकाल के लिए भगवान तुंगनाथ के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
Tungnath Dham- मक्कूमठ में हुई पंचांग गणना के बाद शीतकालीन यात्रा और डोली प्रस्थान का विस्तृत शेड्यूल जारी किया गया है:
- 6 नवंबर: कपाट बंद होने के दिन भगवान तुंगनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल की ओर प्रस्थान करेगी और रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंचेगी।
- 7 नवंबर: यात्रा के दूसरे दिन डोली चोपता से प्रस्थान कर भनकुन पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
- 8 नवंबर: डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल मर्कटेश्वर मंदिर, मक्कूमठ पहुंचेगी। यहीं पर शीतकाल के दौरान अगले छह महीनों तक भगवान तुंगनाथ की नियमित पूजा-अर्चना और दर्शन संपन्न किए जाएंगे।

Tungnath Dham- शीतकाल में मर्कटेश्वर मंदिर में होंगे दर्शन
Tungnath Dham- कपाट बंद होने के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय भक्त शीतकाल के दौरान भगवान तुंगनाथ के दर्शन उनके गद्दीस्थल मर्कटेश्वर मंदिर, मक्कूमठ में जाकर कर सकेंगे। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर मंदिर समिति और स्थानीय हक-हकूकधारियों द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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