Uttarakhand Millets Mission
Uttarakhand Millets Mission- उत्तराखंड में पारंपरिक खेती और मोटे अनाज (Millets) को बढ़ावा देने के लिए 1 अक्टूबर से प्रदेशभर में मिलेट्स की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। मिलेट्स मिशन योजना के तहत उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ – UCF) 250 क्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों से सीधे मंडुवा, झंगोरा, तिलहन, चौंलाई, दालें और अन्य पहाड़ी उत्पादों की खरीद करेगा।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक खेती को प्रोत्साहन देने के साथ प्रदेश को 100% ऑर्गेनिक स्टेट बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
Uttarakhand Millets Mission- इस फसली वर्ष सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए मंडुवा के खरीद मूल्य में वृद्धि की है:
- वर्तमान वर्ष (2026-27): ₹52.05 प्रति किलो (₹5,205 प्रति क्विंटल)
- विगत वर्ष (2025-26): ₹48.86 प्रति किलो
मूल्य में निरंतर वृद्धि: पूर्व में मंडुवा का क्रय मूल्य मात्र ₹18 प्रति किलो था, जिसे बढ़ाकर पिछले वर्ष ₹48.86 और अब ₹52.05 प्रति किलो कर दिया गया है। इसके अलावा, प्रत्येक क्विंटल की खरीद पर संबंधित सहकारी समिति को ₹200 का लाभांश/आय भी प्राप्त होगी।
Uttarakhand Millets Mission- 36 नए क्रय केंद्र स्थापित
- सहकारिता सचिव डॉ. इकबाल अहमद ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को क्रय केंद्रों और निर्धारित दामों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
- 250 क्रय केंद्र: इस वर्ष कुल 250 क्रय केंद्र बनाए गए हैं (पिछले वर्ष 214 केंद्र थे)।
- डीबीटी (DBT) भुगतान: किसानों की उपज का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए किया जाएगा।

Uttarakhand Millets Mission- यूसीएफ (UCF) के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल के अनुसार:
- मंडुवा: सरकार द्वारा निर्धारित दर (₹52.05/किग्रा) पर खरीदा जाएगा।
- अन्य उत्पाद: सोयाबीन, झंगोरा, चौंलाई, दालें व अन्य पहाड़ी उत्पाद बाजार मूल्य के आधार पर खरीदे जाएंगे।
- यूसीएफ हाट (UCF Haat): स्थानीय उत्पादों की खरीद के बाद उनकी बेहतर ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की जाएगी ताकि उत्तराखंड के उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा बाजार मिल सके।
Uttarakhand Millets Mission- वित्तीय वर्ष 2025-26 के खरीद आंकड़े
- कुल किसान लाभान्वित: 11,153 किसान
- कुल मंडुवा खरीद: 53,860.652 कुंतल
- उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले:
- सर्वाधिक मंडुवा खरीद: चमोली
- सर्वाधिक विक्रेता किसान: टिहरी
- कुमाऊं मंडल में शीर्ष: पिथौरागढ़
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