Lokpal Laxman Mandir- लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट इस वर्ष 22 मई 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित इस पौराणिक तीर्थ के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर कर्क लग्न में खोले जाएंगे, मंदिर समिति ने वैदिक पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त तय करते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं।
लोकपाल लक्ष्मण मंदिर भ्यूंडार घाटी में स्थित एक प्राचीन धार्मिक स्थल है, जो भगवान लक्ष्मण को समर्पित है, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान लक्ष्मण शेषनाग के अवतार माने जाते हैं और लोकपाल घाटी के आराध्य देव के रूप में पूजे जाते हैं, कपाट खुलने के बाद श्रद्धालु करीब चार महीने तक इस पवित्र धाम में दर्शन कर सकेंगे।
मंदिर समिति के अध्यक्ष डीएस चौहान ने बताया कि वैदिक पंचांग की गणना के आधार पर 22 मई की तिथि और कर्क लग्न का शुभ समय निर्धारित किया गया है, कपाटोद्घाटन को लेकर मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

समुद्र तल से करीब 15,225 फीट की ऊंचाई पर स्थित दंडी पुष्कर्णी सरोवर के समीप बने इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को गोविंदघाट से लगभग 19 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है, हालांकि अब गोविंदघाट से पुलना तक चार किलोमीटर का सफर छोटे वाहनों से किया जा सकता है, जबकि बाकी दूरी श्रद्धालुओं को पैदल पथारोहण कर तय करनी होती है।
Lokpal Laxman Mandir- गौरतलब है कि वर्ष 2025 में भी कृष्ण एकादशी के पावन अवसर पर मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे, हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ट्रैकिंग प्रेमी इस उच्च हिमालयी धाम में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।