उत्तराखंड में मानसूनी बारिश का दौर अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने राज्य में 21 जुलाई तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने की गंभीर चेतावनी दी है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और पौड़ी समेत कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी, झारखंड और ओडिशा क्षेत्र में बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ की सक्रियता के कारण पूरे राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है।
Weather Alert- अगले 48 घंटों का वेदर बुलेटिन
Weather Alert- मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक बादलों की भीषण गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ तीव्र बौछारें पड़ने की आशंका जताई है:
- 20 जुलाई: कल देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और पौड़ी जिलों में मानसून का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है, जहाँ कुछ इलाकों में अत्यंत भारी वर्षा के आसार हैं।
- 21 जुलाई: मंगलवार को भी राहत की उम्मीद नहीं है। इस दिन विशेष रूप से बागेश्वर जिले के लिए भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है।
Weather Alert- पहाड़ों में लैंडस्लाइड और मैदानों में बाढ़ का खतरा
लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के बुनियादी ढांचे और जनजीवन पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है:
- भूस्खलन: पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से चट्टानें गिरने, मलबा आने और बड़े पैमाने पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्ग बाधित हो सकते हैं।
- नदियों का रौद्र रूप: बरसाती नालों और प्रमुख नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका है। निचले इलाकों में रहने वाली आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
- यातायात ठप व जलभराव: मैदानी और शहरी क्षेत्रों में गंभीर जलभराव के कारण सड़कों को भारी नुकसान पहुंच सकता है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है।

Weather Alert- प्रशासन की सख्त एडवाइजरी
Weather Alert- यात्रियों से अपील: मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन ने चारधाम यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे मौसम साफ होने तक अपनी यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दें। बेहद अनिवार्य होने पर ही मौसम की सटीक जानकारी लेकर आगे बढ़ें।
- नदी-नालों से दूर रहने की सलाह: संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर ही रहने को कहा गया है।
- निर्माण कार्यों पर रोक: पर्वतीय क्षेत्रों में चल रहे सभी निर्माण कार्यों को अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग (SDMA) और सभी जिलाधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे मुस्तैद रहने और रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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