Forest Fire Uttarakhand- उत्तराखंड में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं, गर्मी के चलते पेयजल संकट और आगामी मानसून को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, बैठक में वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पेयजल और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए, मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जंगलों में आग लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और आग की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।
सीएम धामी ने पूरे प्रदेश में वनाग्नि रोकने के लिए शीतलखेत मॉडल लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि फायर लाइन के आसपास छोटी तलैया बनाई जाएं ताकि आग बुझाने में आसानी हो सके, साथ ही वन कर्मियों और फायर फाइटिंग टीमों को जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया, मुख्यमंत्री ने फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब पेयजल लाइनों को तत्काल ठीक किया जाए और बिजली आपूर्ति निर्बाध रखी जाए, उन्होंने चारधाम यात्रा और पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

मानसून की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा, प्रभारी सचिवों को जिलों का दौरा कर जमीनी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए, स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने, साफ-सफाई बेहतर रखने और आपातकालीन व्यवस्थाएं मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
Forest Fire Uttarakhand- चारधाम यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य जांच में अनफिट पाए जाने वाले यात्रियों को यात्रा न करने के लिए जागरूक किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।